अमीर मीनाई शायरी – आफ़त तो है वो नाज़

आफ़त तो है वो नाज़ भी अंदाज़ भी लेकिन
मरता हूँ मैं जिस पर वो अदा और ही कुछ है – अमीर मीनाई