अमीर मीनाई शायरी – ऐसी कौन सी जा है

ऐसी कौन सी जा है जहाँ जलवा-ए-माशूक नही,
शौक-ए-दीदार अगर है तो नजरे पैदा कर…!! – अमीर मीनाई