अहमद फ़राज़ शायरी – खामोश बैठे है तो लोग

खामोश बैठे है तो लोग कहते है उदासी अच्छी नहीं ‘फ़राज़’,
ज़रा सा हंस ले तो लोग मुस्कुराने की वजह पूछ लेते है । – अहमद फ़राज़