अहमद फ़राज़ शायरी – वहाँ से एक पानी की

वहाँ से एक पानी की बूँद ना निकल सकी “फ़राज़”
तमाम उम्र जिन आँखों को हम झील लिखते रहे – अहमद फ़राज़