अहमद फ़राज़ शायरी – वो नाम लिखते हुए रोए

वो नाम लिखते हुए रोए तो ज़रूर होंगे,
यहाँ आँसू गिरे होंगे जहाँ तहरीर बिगड़ी है !! – अहमद फ़राज़