इरफ़ान सिद्दीक़ी शायरी – अब आ गई है सहर

अब आ गई है सहर अपना घर सँभालने को
चलूँ कि जागा हुआ रात भर का मैं भी हूँ – इरफ़ान सिद्दीक़ी