क़तील शिफ़ाई शायरी – दिल पे आए हुए इल्ज़ाम

दिल पे आए हुए इल्ज़ाम से पहचानते हैं
लोग अब मुझ को तिरे नाम से पहचानते हैं – क़तील शिफ़ाई