क़तील शिफ़ाई शायरी – ले मेरे तजरबों से सबक़

ले मेरे तजरबों से सबक़ ऐ मेरे रक़ीब
दो-चार साल उम्र में तुझ से बड़ा हूँ मैं – क़तील शिफ़ाई