क़ाबिल अजमेरी शायरी – अश्कों में हुस्न-ए-दोस्त दिखाती है

अश्कों में हुस्न-ए-दोस्त दिखाती है चाँदनी
शबनम को चार चाँद लगाती है चाँदनी – क़ाबिल अजमेरी