क़ाबिल अजमेरी शायरी – ज़माना दोस्त है किस किस

ज़माना दोस्त है किस किस को याद रक्खोगे
खुदा करे के तुम्हें मुझ से दुश्मनी हो जाए – क़ाबिल अजमेरी