क़ाबिल अजमेरी शायरी – रास्ता कट ही जाएगा ‘क़ाबिल’

रास्ता कट ही जाएगा ‘क़ाबिल’
शौक़-ए-मंज़िल अगर सलामत है – क़ाबिल अजमेरी