कैफ़ी आज़मी शायरी – जब भी चूम लेता हूँ

जब भी चूम लेता हूँ उन हसीन आँखों को..
सौ चिराग़ अँधेरे में झिलमिलाने लगते है.! – कैफ़ी आज़मी