जिगर मुरादाबादी शायरी – जिसे रौनक तेरे कदमों ने

जिसे रौनक तेरे कदमों ने देकर छीन ली रौनक,
वो लाख आबाद हो, उस घर की वीरानी नहीं जाती। – जिगर मुरादाबादी