दाग देहलवी शायरी – तुम्हारा दिल मेरे दिल के

तुम्हारा दिल मेरे दिल के बराबर हो नहीं सकता,
वो शीशा हो नहीं सकता ये पत्थर हो नहीं सकता। – दाग देहलवी