दाग देहलवी शायरी – यूँ चलिए राहे-शौक़ मेंजैसे हवा

यूँ चलिए राहे-शौक़ में,जैसे हवा चले..
हम बैठ-बैठ कर जो चले भी तो क्या चले..! – दाग देहलवी