दाग देहलवी शायरी – हज़ारों हसरतें वो हैं कि

हज़ारों हसरतें वो हैं कि रोके से नहीं रुकतीं
बहुत अरमान ऐसे हैं कि दिल के दिल में रहते है – दाग देहलवी