नक़्श लायलपुरी शायरी – रहेगा बन के बीनाई वो

रहेगा बन के बीनाई वो मुरझाई सी आँख़ों में।।
जो बूढ़े बाप के हाथों में मेहनत की कमाई दे।। – नक़्श लायलपुरी