नक़्श लायलपुरी शायरी – शाख़ों को तुम क्या छू

शाख़ों को तुम क्या छू आए
काँटों से भी ख़ुशबू आए

देखें और दीवाना कर दें
गोया उनको जादू आए … – नक़्श लायलपुरी