निदा फ़ाज़ली शायरी – आँखों को दे के रोशनी

आँखों को दे के रोशनी गुल कर दिये चराग़
तंग आ चुके हैं वक़्त कि इस दिल्लगी से हम – निदा फ़ाज़ली