निदा फ़ाज़ली शायरी – दुःख की नगरी कौन-सी आँसू

दुःख की नगरी कौन-सी, आँसू की क्या ज़ात
सारे तारे दूर के, सबके छोटे हाथ – निदा फ़ाज़ली