निदा फ़ाज़ली शायरी – मुँह की बात सुने हर

मुँह की बात सुने हर कोई
दिल के दर्द को जाने कौन…!!

आवाज़ों के बाज़ारों मैं
ख़ामोशी पहेचाने कौन ??!! – निदा फ़ाज़ली