निदा फ़ाज़ली शायरी – मेरी ग़ुर्बत को शराफ़त का

मेरी ग़ुर्बत को शराफ़त का अभी नाम न दे
वक़्त बदला तो तिरी राय बदल जाएगी – निदा फ़ाज़ली