परवीन शाकिर शायरी – उस के यूँ तर्क-ए-मोहब्बत का

उस के यूँ तर्क-ए-मोहब्बत का सबब होगा कोई
जी नहीं ये मानता वो बेवफ़ा पहले से था – परवीन शाकिर