परवीन शाकिर शायरी – मिटाओगे कहाँ तक तुम मेरी

मिटाओगे कहाँ तक तुम मेरी बातें, मेरी यादें,
में हर एक मोड़ पर अपनी निशानी छोड़ जाऊंगी – परवीन शाकिर