फिराक गोरखपुरी शायरी – हो जिन्हें शक वो करें

हो जिन्हें शक वो करें और ख़ुदाओं की तलाश,
हम तो इन्सान को दुनिया का ख़ुदा कहते हैं. – फिराक गोरखपुरी