बशीर बद्र शायरी – सोचा नहीं अच्छा बुरा देखा

सोचा नहीं अच्छा बुरा, देखा सुना कुछ भी नही !
माँगा खुदा से रात दिन, तेरे सिवा कुछ भी नही !! – बशीर बद्र