मजरूह सुल्तानपुरी शायरी – बचा लिया मुझे तूफ़ाँ की

बचा लिया मुझे तूफ़ाँ की मौज ने वर्ना
किनारे वाले सफ़ीना मेरा डुबो देते – मजरूह सुल्तानपुरी