मोमिन ख़ाँ मोमिन शायरी – शब जो मस्जिद में जा

शब जो मस्जिद में जा फँसे ‘मोमिन’,
रात काटी ख़ुदा ख़ुदा कर के !! – मोमिन ख़ाँ मोमिन