वसीम बरेलवी शायरी – मैं कतरा होके भी तूफ़ां

मैं कतरा होके भी तूफ़ां से जंग लेता हूं
मुझे बचाना समुंदर की जिम्मेदारी है…l – वसीम बरेलवी