वसीम बरेलवी शायरी – वह मेरे घर नहीं आता

वह मेरे घर नहीं आता ,मैं उसके घर नहीं जाता
मगर इन एहतियातों से तअल्लुक मर नहीं जाता ! – वसीम बरेलवी