साग़र सिद्दीक़ी शायरी – मिरे दामन में शरारों के

मिरे दामन में शरारों के सिवा कुछ भी नहीं
आप फूलों के ख़रीदार नज़र आते हैं – साग़र सिद्दीक़ी