साहिर लुधियानवी शायरी – जंग तो ख़ुद हीं एक

जंग तो ख़ुद हीं एक मसअला है,
जंग क्या मसअलों का हल देगी ।
आग और खून आज बख़्शेगी,
भूख और अहतयाज कल देगी । – साहिर लुधियानवी