साहिर लुधियानवी शायरी – तेरी दुनिया में जीने से

तेरी दुनिया में जीने से तो बेहतर है कि मर जाएँ
वही आँसू वही आहें वही ग़म है जिधर जाएँ – साहिर लुधियानवी