हफ़ीज़ जालंधरी शायरी – ओ बे-नसीब दिन के तसव्वुर

ओ बे-नसीब दिन के तसव्वुर ये ख़ुश न हो
चोला बदल लिया है शब-ए-इंतिज़ार ने – हफ़ीज़ जालंधरी