Arz Kiya Hai 4 U

Best Hindi Sher O Shayari Collection

Month: May 2018

मिर्ज़ा ग़ालिब शायरी – उन्हें मंजूर अप‌ने जख्मीयों का

उन्हें मंजूर अप‌ने जख्मीयों का देख आना था
उठे थे सैर-ए गुल को देखना शोख़ी बहाने की – मिर्ज़ा ग़ालिब

मिर्ज़ा ग़ालिब शायरी – मेरी क़िस्मत में ग़म गर

मेरी क़िस्मत में ग़म गर इतना था
दिल भी या-रब कई दिए होते – मिर्ज़ा ग़ालिब

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