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Best Hindi Sher O Shayari Collection

Category: मजरूह सुल्तानपुरी शायरी

मजरूह सुल्तानपुरी शायरी – शब-ए-इंतिज़ार की कश्मकश में न

शब-ए-इंतिज़ार की कश्मकश में न पूछ कैसे सहर हुई
कभी इक चराग़ जला दिया कभी इक चराग़ बुझा दिया – मजरूह सुल्तानपुरी

मजरूह सुल्तानपुरी शायरी – ग़म-ए-हयात ने आवारा कर दिया

ग़म-ए-हयात ने आवारा कर दिया वरना,
थी आरज़ू तेरे दर पे सुबह-ओ-शाम करें. – मजरूह सुल्तानपुरी

मजरूह सुल्तानपुरी शायरी – तमन्नाओं से बदली है न

तमन्नाओं से बदली है न बदलेगी कभी किस्मत
लिखा है जो मुकद्दर में वही तेरा करम होगा – मजरूह सुल्तानपुरी

मजरूह सुल्तानपुरी शायरी – मुझे ये फ़िक्र सबकी प्यास

मुझे ये फ़िक्र सबकी प्यास अपनी प्यास है साक़ी
तुझे ये ज़िद कि खाली है मेरा पैमाना बरसों से – मजरूह सुल्तानपुरी

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