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Best Hindi Sher O Shayari Collection

मिर्ज़ा ग़ालिब शायरी – बस-कि दुश्वार है हर काम

बस-कि दुश्वार है हर काम का आसाँ होना,
आदमी को भी मयस्सर नहीं इंसाँ होना…!! – मिर्ज़ा ग़ालिब

मिर्ज़ा ग़ालिब शायरी – सादिक़ हूँ अपने कौल में

सादिक़ हूँ अपने कौल में ग़ालिब ख़ुदागवाह,
कहता हूँ सच, कि झूठ की आदत नहीं मुझे – मिर्ज़ा ग़ालिब

मिर्ज़ा ग़ालिब शायरी – क़ासिद के आते आते ख़त

क़ासिद के आते आते ख़त इक अौर लिख रखूँ
मैं जानता हूँ जो वो लिखेंगे जवाब में – मिर्ज़ा ग़ालिब

मिर्ज़ा ग़ालिब शायरी – आशिक़ी सब्र-तलब और तमन्ना बेताब

आशिक़ी सब्र-तलब और तमन्ना बेताब
दिल का क्या रंग करूँ ख़ून-ए-जिगर होते तक – मिर्ज़ा ग़ालिब

मिर्ज़ा ग़ालिब शायरी – कितने शीरीं हैं तेरे लब

कितने शीरीं हैं तेरे लब कि रक़ीब
गालियाँ खा के बे-मज़ा न हुआ – मिर्ज़ा ग़ालिब

मिर्ज़ा ग़ालिब शायरी – जला है जिस्म जहाँ दिल

जला है जिस्म जहाँ दिल भी जल गया होगा
कुरेदते हो जो अब राख जुस्तुजू क्या है – मिर्ज़ा ग़ालिब

मिर्ज़ा ग़ालिब शायरी – इश्क़ से तबीअत ने ज़ीस्त

इश्क़ से तबीअत ने ज़ीस्त का मज़ा पाया
दर्द की दवा पाई दर्द-ए-बे-दवा पाया – मिर्ज़ा ग़ालिब

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