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Best Hindi Sher O Shayari Collection

Tag: ख़ुमार बाराबंकवी द्वारा हिंदी शायरी

ख़ुमार बाराबंकवी शायरी – ये कैसी हवा-ए-तरक्की चली है

ये कैसी हवा-ए-तरक्की चली है
दीये तो दीये दिल बुझे जा रहे हैं – ख़ुमार बाराबंकवी

ख़ुमार बाराबंकवी शायरी – हम रहे मुब्तला-ऐ-दैर-ओ-हरम

हम रहे मुब्तला-ऐ-दैर-ओ-हरम
वो दबे पाँव दिल में आ बैठे

उठ के इक बेवफ़ा ने दे दी जान
रह गए सारे बावफ़ा बैठे – ख़ुमार बाराबंकवी

ख़ुमार बाराबंकवी शायरी – दुश्मनों से पशेमान होना पड़ा

दुश्मनों से पशेमान होना पड़ा,
दोस्तों का खुलूस आजमाने के बाद। – ख़ुमार बाराबंकवी

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