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Best Hindi Sher O Shayari Collection

Tag: मिर्ज़ा ग़ालिब द्वारा हिंदी शायरी

मिर्ज़ा ग़ालिब शायरी – मैं और बज़्म-ए-मय से यूँ

मैं और बज़्म-ए-मय से यूँ तिश्ना-काम आऊँ
गर मैं ने की थी तौबा साक़ी को क्या हुआ था – मिर्ज़ा ग़ालिब

मिर्ज़ा ग़ालिब शायरी – मैं ने चाहा था कि

मैं ने चाहा था कि अंदोह-ए-वफ़ा से छूटूँ
वो सितमगर मिरे मरने पे भी राज़ी न हुआ – मिर्ज़ा ग़ालिब

मिर्ज़ा ग़ालिब शायरी – न था कुछ तो खुदा

न था कुछ तो, खुदा था, कुछ न होता तो खुदा होता
डुबोया मुझको होने ने, न होता मैं तो क्या होता…। – मिर्ज़ा ग़ालिब

मिर्ज़ा ग़ालिब शायरी – दिल ही तो है न

दिल ही तो है न संग-ओ-ख़िश्त दर्द से भर न आए क्यूँ
रोएँगे हम हज़ार बार कोई हमें सताए क्यूँ – मिर्ज़ा ग़ालिब

मिर्ज़ा ग़ालिब शायरी – दे मुझ को शिकायत की

दे मुझ को शिकायत की इजाज़त कि सितमगर
कुछ तुझ को मज़ा भी मिरे आज़ार में आवे – मिर्ज़ा ग़ालिब

मिर्ज़ा ग़ालिब शायरी – हाँ वो नहीं ख़ुदा-परस्त जाओ

हाँ वो नहीं ख़ुदा-परस्त जाओ वो बेवफ़ा सही
जिस को हो दीन ओ दिल अज़ीज़ उस की गली में जाए क्यूँ – मिर्ज़ा ग़ालिब

मिर्ज़ा ग़ालिब शायरी – और बाज़ार से ले आए

और बाज़ार से ले आए अगर टूट गया
साग़र-ए-जम से मिरा जाम-ए-सिफ़ाल अच्छा है – मिर्ज़ा ग़ालिब

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