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Best Hindi Sher O Shayari Collection

Tag: साग़र सिद्दीक़ी शायरी इन हिंदी

साग़र सिद्दीक़ी शायरी – छलके हुए थे जाम परेशाँ

छलके हुए थे जाम परेशाँ थी ज़ुल्फ़-ए-यार
कुछ ऐसे हादसात से घबरा के पी गया – साग़र सिद्दीक़ी

साग़र सिद्दीक़ी शायरी – कल जिन्हें छु नहीं सकती

कल जिन्हें छु नहीं सकती थी फ़रिश्तों की नज़र
आज वो रौनक़ ~ए~बाज़ार नज़र आते हैं .. – साग़र सिद्दीक़ी

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