Arz Kiya Hai 4 U

Best Hindi Sher O Shayari Collection

Tag: galib shayari

मिर्ज़ा ग़ालिब शायरी – शहादत थी मेरी क़िस्मत में

शहादत थी मेरी क़िस्मत में जो दी थी ये ख़ू मुझ को
जहाँ तलवार को देखा झुका देता था गर्दन को – मिर्ज़ा ग़ालिब

मिर्ज़ा ग़ालिब शायरी – की वफ़ा हम से तो

की वफ़ा हम से तो ग़ैर इस को जफ़ा कहते हैं
होती आई है कि अच्छों को बुरा कहते हैं – मिर्ज़ा ग़ालिब

मिर्ज़ा ग़ालिब शायरी – रहिए अब ऐसी जगह के

रहिए अब ऐसी जगह के जहां कोई न हो,
हम सुखन कोई न हो और हम ज़बां कोई न हो. – मिर्ज़ा ग़ालिब

मिर्ज़ा ग़ालिब शायरी – मैं भी मुँह में ज़बान

मैं भी मुँह में ज़बान रखता हूँ
काश पूछो कि मुद्दआ क्या है – मिर्ज़ा ग़ालिब

मिर्ज़ा ग़ालिब शायरी – क़ासिद के आते आते ख़त

क़ासिद के आते आते ख़त इक अौर लिख रखूँ
मैं जानता हूँ जो वो लिखेंगे जवाब में – मिर्ज़ा ग़ालिब

मिर्ज़ा ग़ालिब शायरी – जला है जिस्म जहाँ दिल

जला है जिस्म जहाँ दिल भी जल गया होगा
कुरेदते हो जो अब राख जुस्तुजू क्या है – मिर्ज़ा ग़ालिब

मिर्ज़ा ग़ालिब शायरी – बे ख़ुदी बे सबब नहीं

बे ख़ुदी बे सबब नहीं ग़ालिब
कुछ तो है जिसकी पर्दा दारी है – मिर्ज़ा ग़ालिब

मिर्ज़ा ग़ालिब शायरी – इस सादगी पे कौन न

इस सादगी पे कौन न मर जाए ऐ ख़ुदा
लड़ते हैं और हाथ में तलवार भी नहीं – मिर्ज़ा ग़ालिब

loading...
Arj Kiya Hai 4 U © 2017