अमीर मीनाई शायरी – आहों से सोज़-ए-इश्क़ मिटाया न

आहों से सोज़-ए-इश्क़ मिटाया न जाएगा
फूँकों से ये चराग़ बुझाया न जाएगा – अमीर मीनाई