परवीन शाकिर शायरी – बहुत अज़ीज़ है आँखे मेरी

बहुत अज़ीज़ है आँखे मेरी उसे लेकिन
वो जाते जाते उन्हें कर गया है पुरनम फिर ।।। – परवीन शाकिर