महेन्द्र सिंह बेदी सहर शायरी – मायूस-ए-मोहब्बत है तो कर और

मायूस-ए-मोहब्बत है तो कर और मोहब्बत
कहते हैं जिसे इश्क़, मरज़ भी है दवा भी – महेन्द्र सिंह बेदी सहर

महेन्द्र सिंह बेदी सहर शायरी – हम उन के सितम को

हम उन के सितम को भी करम जान रहे हैं
और वो हैं कि इस पर भी बुरा मान रहे हैं – महेन्द्र सिंह बेदी सहर

महेन्द्र सिंह बेदी सहर शायरी – ये और कुछ भी हों

ये और कुछ भी हों काफ़िर नहीं हैं तेरे रिंद
तो बाद-ए-जाम ख़ुदा का भी नाम ले साक़ी – महेन्द्र सिंह बेदी सहर

महेन्द्र सिंह बेदी सहर शायरी – मरना तो लाज़िम है इक

मरना तो लाज़िम है इक दिन जी भर के अब जी तो लूँ
मरने से पहले मर जाना मेरे बस की बात नहीं – महेन्द्र सिंह बेदी सहर

महेन्द्र सिंह बेदी सहर शायरी – है हस्ती-ए-आशिक़ का बस इतना

है हस्ती-ए-आशिक़ का बस इतना ही फ़साना
बर्बाद थी बर्बाद है बर्बाद रहेगी – महेन्द्र सिंह बेदी सहर

महेन्द्र सिंह बेदी सहर शायरी – मायूस-ए-मोहब्बत है तो कर और

मायूस-ए-मोहब्बत है तो कर और मोहब्बत
कहते हैं जिसे इश्क़, मरज़ भी है दवा भी – महेन्द्र सिंह बेदी सहर