वसीम बरेलवी शायरी – तुम्हारी राह में मिटटी के

तुम्हारी राह में मिटटी के घर नहीं आते
इसीलिए तुम्हे हम नज़र नहीं आते – वसीम बरेलवी

वसीम बरेलवी शायरी – तुम आ गये हो तो

तुम आ गये हो तो फिर कुछ चाँदनी सी बातें हों
ज़मीं पे चाँद कहाँ रोज़ रोज़ उतरता है.. – वसीम बरेलवी

वसीम बरेलवी शायरी – दुआ करो कि सलामत रहे

दुआ करो कि सलामत रहे मिरी हिम्मत
ये इक चराग़ कई आँधियों पे भारी है! – वसीम बरेलवी