अहमद फ़राज़ शायरी – अब तक दिल-ए-ख़ुश-फ़हम को तुझ

अब तक दिल-ए-ख़ुश-फ़हम को तुझ से हैं उम्मीदें
ये आख़िरी शमएँ भी बुझाने के लिए आ! – अहमद फ़राज़