अल्लामा इक़बाल शायरी – मन की दौलत हाथ आती

मन की दौलत हाथ आती है तो फिर जाती नहीं
तन की दौलत छाँव है आता है धन जाता है धन – अल्लामा इक़बाल

Allama Iqbal Shayari