बशीर बद्र शायरी – काम ले कुछ हसीन होंठो

काम ले कुछ हसीन होंठो से,
बातों-बातों मे मुस्कुराया कर.

धूप मायूस लौट जाती है,
छत पे किसी बहाने आया कर. – बशीर बद्र