बशीर बद्र शायरी – खुद को इतना भी मत

खुद को इतना भी मत बचाया कर,
बारिशें हो तो भीग जाया कर.

चाँद लाकर कोई नहीं देगा,
अपने चेहरे से जगमगाया कर. – बशीर बद्र