बशीर बद्र शायरी – नज़र से गुफ़्तगू ख़ामोश लब

नज़र से गुफ़्तगू ख़ामोश लब तुम्हारी तरह
ग़ज़ल ने सीखे हैं अंदाज़ सब तुम्हारी तरह – बशीर बद्र